This page uses Javascript. Your browser either doesn't support Javascript or you have it turned off. To see this page as it is meant to appear please use a Javascript enabled browser. हमारे बारे में | विभाग की गतिविधियाँ | ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, उत्तर प्रदेश सरकार, भारत

ग्रामीण अभियंत्रण विभाग

  • ग्रामीण अभियंत्रण विभाग का सृजन वर्ष 1972 में प्रदेश के सुदूर ग्रामीण अंचलों में अवस्थापना से सम्बन्धित कार्यों को किये जाने एवं उन्हें विकसित किये जाने के उद्देश्य से किया गया।
  • ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा संचालित किये जाने वाली अपनी स्वयं की कोई योजना नहीं है क्योंकि इस विभाग को राज्य सरकार द्वारा आयोजनागत मद में बजट उपलब्ध नहीं कराया जाता है।
  • ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एक राजकीय कार्यदायी विभाग है जो राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासकीय विभागों/ संस्थाओं द्वारा सौंपे गये विभिन्न निर्माण कार्यों को ‘डिपाजिट’ के रूप में सम्पादित कराता है। यह विभाग मुख्यतः सांसद/विधायक निधि, पूर्वान्चल/बुन्देलखण्ड विकास निधि, वार्डर एरिया डेवलपमेण्ट प्रोग्राम, आपदा राहत निधि, त्वरित आर्थिक विकास योजना, व योजनाओं से प्राप्त धनराशि से मुख्यतः भवन, सड़क, छोटे पुलों व अन्य निर्माण कार्यों को सम्पादित कराता है।
  • डा0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत चयनित विभिन्न लोहिया ग्रामों की आन्तरिक गलियों में सी0सी0 रोड/नाली निर्माण का कार्य ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा पंचायती राज विभाग के बजटीय सपोर्ट से मुख्य कार्यदायी संस्था के रूप में सम्पादित कराया जा रहा है।
  • ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा भारत सरकार से वित्त पोषित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत प्रदेश के 34 जनपदों में कार्यदायी संस्था के रूप में ग्रामीण सम्पर्क मार्गों का निर्माण / उच्चीकरण का कार्य सम्पादित कराया जा रहा है। राज्य सरकार के स्तर पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नोडल एवं प्रशासकीय विभाग ग्राम्य विकास विभाग है।
  • विभाग के सम्बन्ध में उपरोक्त संक्षिप्त विवरण तथा विभाग द्वारा किये जाने वाले निर्माण कार्यों का विस्तृत विवरण विभाग की वेबसाइट- " http:// upred.gov.in/ " पर हिन्दी तथा उसके अंग्रेजी वर्जन सहित उपलब्ध है जिसे किसी के भी द्वारा देखा जा सकता है |
  • उत्तर प्रदेश के दिशा-निर्देशों के अनुसार विभाग में ई-गवर्नेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके द्वारा कार्यों और गुणवत्ता प्रबंधन, बजट निर्धारण, प्राप्ति और व्यय, जनशक्ति संसाधनों के प्रबंधन की प्रगति का प्रभावशाली अनुश्रवण किया जा रहा है और विभिन्न योजनाओं, निविदाओं और शिकायतों में संचालित कार्यों और प्रस्तावित कार्यों के बारे में जनता को जानकारी देने का कार्य किया जा रहा है।